majnu ka tila red light area εつ▄█▀█● मजनू का टीला दिल्ली का एक ( ͜. ㅅ ͜. ) 🥵 प्रसिद्ध इलाका है, जिसका इतिहास लगभग 15वीं शताब्दी तक जाता हैⱭ͞ ̶͞ ̶͞ ̶͞ لں͞ । कहा जाता है कि सिकंदर लोदी के शासनकाल के दौरान यमुना नदी के किनारे एक टीले पर एक सूफी फकीर रहता था, जिन्हें लोग प्यार से मजनू कहने लगे थे। इसी कारण उस इलाके को मजनू का टीला नाम मिला। इसके साथ ही इतिहास में यह भी जुड़ा है कि गुरु नानक देव जी ने यहां एक अब्दुल्ला नाम के शख्स से मुलाकात की थी, जो यमुना नदी पार करने में लोगों की मदद मुफ्त में करता था। गुरु नानक देव जी ने उनकी सेवा के सम्मान में यहां एक गुरुद्वारा बनवाया था, जो आज भी इस इलाके की पहचान है।
1959-60 के दशक में तिब्बती शरणार्थी इस इलाके में बसने लगे और मजनू का टीला को दिल्ली का छोटा तिब्बत भी कहा जाने लगा। आज यह जगह तिब्बती संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां तिब्बती भोजनालय, मठ और दुकानें मौजूद हैं। मजनू का टीला दिल्ली विश्वविद्यालय के करीब है, इसलिए यह छात्रों और पर्यटकों के बीच भी खासा लोकप्रिय स्थल बन गया है
इस इलाके का इतिहास न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यहां की तिब्बती बस्ती ने इसे आधुनिक दिल्ली में एक अनूठी पहचान दी है। मजनू का टीला आज भी दिल्ली के दिल में एक अलग सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में जाना जाता है।
majnu ka tila kidar hai
- मजनू का टीला का पता: न्यू अरुणा नगर, उत्तर दिल्ली, दिल्ली – 110054 (विधानसभा मेट्रो स्टेशन के पास, यमुना नदी के किनारे)
- कैसे पहुँचें: सबसे नज़दीकी मेट्रो स्टेशन “विधानसभा” (येलो लाइन) है। यहाँ से ई-रिक्शा या ऑटो द्वारा 5 मिनट में मजनू का टीला पहुँचा जा सकता है। कश्मीरी गेट आईएसबीटी से भी ऑटो या पैदल पहुँच सकते हैं। अपनी गाड़ी या टैक्सी से NH-1 या यमुना किनारे के रास्ते से सीधे अरुणा नगर के गेट तक पहुँच सकते हैं। डीटीसी की बसें भी कश्मीरी गेट व विधानसभा तक आती हैं, वहाँ से आगे ऑटो/ई-रिक्शा लें।